आजादी के 75 वर्ष में अखिल भारतीय महिला मंडल का आगाज - KhabarBat™

Breaking

KhabarBat™

२००९ पासून वाचकांच्या सेवेत


३१ मार्च २०२२

आजादी के 75 वर्ष में अखिल भारतीय महिला मंडल का आगाज

फैले 7500 बच्चों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश
रिपोर्टर- पप्पू लाल कीर (राजसमंद)
राजसमंद । अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वाधान में स्नेहम प्रोजेक्ट के तहत् कांकरोली तेरापंथ महिला मंडल ने जागृति अक्षम सेवा संस्थान के बच्चों के लिए प्रोजेक्टर का वितरण किया।सर्वप्रथम महिला मंडल परामर्शक विजयलक्ष्मी सोनी के द्वारा नमस्कार महामंत्र से कार्यक्रम की शुरुआत की गई ।महिला मंडल की बहनों ने प्रेरणा गीत-- हो संकल्प सत्य शिव सुंदर  के द्वारा पूरे वातावरण को मंगल मंगल कर दिया।
महिला मंडल अध्यक्ष इंद्रा  पगारिया ने सभी अतिथि, टीचर्स,मंडल की बहनों और बच्चों का स्वागत किया, अभिनंदन किया।मुख्य अतिथि के रूप में राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी थी उन्होंने  महिला मंडल को स्नेहम प्रोजेक्ट के तहत projector देने के लिए भूरी भूरी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कुछ बातें ऐसी होती है जो पढकर नहीं समझी जाती वो देखकर समझी जाती है।अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के स्नेहम प्रोजेक्ट की प्रभारी,राष्ट्रीय  सह मंत्री नीतू ओस्तवाल की गरिमामयि उपस्थिति महिला मंडल को मिली और उन्होंने कहां--जिन बच्चों को भगवान ने कुछ अलग बनाया है
हमारे जैसा नहीं बनाया उनके प्रति हमारी भी कुछ जिम्मेदारियां है उसके तहत अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल ने केवल 4 महीने में 3000 से ज्यादा बच्चों को  स्नेहम प्रोजेक्ट के तहत टच किया।मेवाड़ प्रभारी, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल कार्यसमिति सदस्य  डॉ नीना कावड़िया  ने कहा--  अक्षम बच्चों को सक्षम बनाने के लिए यह प्रोजेक्टर बहुत उपयोगी साबित  होगा।जागृति सेवा संस्थान के संस्थापक राकेश परियानी ने तेरापंथ महिला
मंडल,कांकरोली को धन्यवाद ज्ञापित किया और कहां--यह projector हमारे बच्चों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा और इससे बच्चे बहुत सारी skill development और education से रिलेटेड  चीजे सीखेंगे। इस प्रोग्राम में सभा अध्यक्ष प्रकाश सोनी, सह मंत्री सूरज जैन,फिजियो थेरेपी डॉ नावेद, प्रिंसिपल मैडम अनीता  परियानी और मंचासीन अतिथि की उपस्थिति में प्रोजेक्टर का इनॉग्रेशन किया गया।कार्यक्रम का कुशल संचालन मंत्री मनीषा कच्छारा और  नीलम गेलड़ा ने किया और आभार  निरुपमा धारीवाल ने किया।