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३१ ऑक्टोबर २०२१

मॉइल कर्मचाऱ्यांसाठी वेतन सुधारणा घोषित Announced pay reform for Moil employees

मॉइल कर्मचाऱ्यांसाठी वेतन सुधारणा घोषित

नवी दिल्‍ली, 31 ऑक्टोबर 2021
नागपूरमध्ये 31 ऑक्टोबर, 2021 रोजी आयोजित एका भव्य कार्यक्रमात, रस्ते परिवहन आणि महामार्ग मंत्री माननीय श्री. नीतीन गडकरी आणि पोलाद मंत्री माननीय श्री राम चंद्र प्रसाद सिंह यांनी मॉइल कर्मचाऱ्यांच्या वेतन सुधारणेला मान्यता दिल्याची एक मोठी घोषणा केली.



ही वेतन सुधारणा 01.08.2017 ते 31.07.2027 या कालावधीसाठी आहे. यामुळे सुमारे 5,800 कंपनी कर्मचाऱ्यांना लाभ होणार आहे. मॉइल व्यवस्थापन आणि मॉइल कामगार संघटना (एमकेएस) ही मॉइलची मान्यताप्राप्त संघटना यांच्यात झालेल्या सामंजस्य कराराच्या आधारावर ही वेतन सुधारणा करण्यात आली आहे.या प्रस्तावामध्ये 20% फिटमेंट लाभ आणि 20% दराने लाभ/भत्ते समाविष्ट आहेत. मे,2019 पासून कंपनीने मूलभूत आणि महागाई भत्त्याच्या 12% दराने तात्पुरता दिलासा दिला आहे.

कंपनी 1 ऑगस्ट 2017 ते 30 सप्टेंबर 2021 या कालावधीतील देय थकबाकी एकाच वेळी चुकती करेल,असे कंपनीने जाहीर केले आहे.यामुळे कंपनीवर सुमारे 218 कोटी रुपयांचा भार पडणार आहे.प्रस्तावित वेतन सुधारणेचा एकूण आर्थिक खर्च सुमारे रु.87 कोटी प्रतिवर्ष होईल.मात्र मॉइल लिमिटेडने आपल्या खाते पुस्तिकेत या वेतन वाढीसाठी आधीच संपूर्ण तरतूद केली आहे.



याशिवाय, 2020-21 या वर्षासाठी सर्व कर्मचार्‍यांसाठी 28,000/- रुपयांचे उत्पादन संलग्न सानुग्रह अनुदानाची घोषणा करण्यात आली असून दिवाळीपूर्वी ते वितरीत करण्यात येणार आहे.

यावेळी माननीय मंत्र्यांनी मॉइलच्या विविध सुविधांचे उद्घाटनही केले. यात चिकला खाणीतील दुसरी व्हर्टिकल शाफ्ट, त्यांच्या पाच खाणींच्या ठिकाणी रुग्णालये, प्रशासकीय इमारत, आणि पदवीधर प्रशिक्षणार्थी वसतिगृह याचा समावेश आहे.

या कार्यक्रमासाठी केंद्रीय पोलाद आणि ग्रामविकास राज्यमंत्री श्री फग्गनसिंग कुलस्ते, राज्याचे पशुसंवर्धन, दुग्धविकास, क्रीडा व युवक कल्याण मंत्री श्री सुनील केदार, खासदार डॉ. विकास महात्मे, .पोलाद मंत्रालयाच्या अतिरिक्त सचिव आणि आर्थिक सल्लागार श्रीमती सुकृति लिखी, पोलाद मंत्रालयाच्या अतिरिक्त सचिव श्रीमती रुचिका गोविल यांच्यासह अन्य मान्यवर उपस्थित होते.

मान्यवरांचे म्हणणे ऐकण्यासाठी मोठ्या संख्येने जमलेले कर्मचारी आणि विविध युनियन सदस्यांना या घोषणांचा अत्यंत आनंद झाला आणि त्यांनी पोलाद मंत्रालयाचे मनःपूर्वक आभार मानले.या प्रसंगी, माननीय केंद्रीय पोलाद मंत्री, श्री आरसीपी सिंह यांन सातत्यपूर्ण कामगिरीबद्दल मॉइलचे अभिनंदन केले आणि भविष्यात आणखी मोठे टप्पे गाठण्यासाठी सज्ज राहण्याचे आवाहन केले.

माननीय पोलाद मंत्री 1 नोव्हेंबर, 2021 रोजी बालाघाट खाणीलाही भेट देणार आहेत, ही मॉइल द्वारे चालवली जाणारी सर्वात मोठी आणि आशियातील सर्वात खोल भूमिगत मॅंगनीज खाण आहे.



मॉइल बद्दल:

मॉइल लिमिटेड हा भारत सरकारच्या पोलाद मंत्रालयाच्या प्रशासकीय नियंत्रणाखालील अनुसूची-अ, मिनीरत्न श्रेणी-I मधील केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्रातील उपक्रम आहे.मॉइल ही देशातील मॅंगनीज धातूची सर्वात मोठी उत्पादक आहे आणि महाराष्ट्र आणि मध्य प्रदेश राज्यात अकरा खाणींचे कार्यान्वयन करते.मॉइल कडे देशातील ~ 34% मॅंगनीज धातूचा साठा आहे आणि ही कंपनी देशांतर्गत उत्पादनात ~ 45% योगदान देत आहे.

आर्थिक वर्ष 2024-25 पर्यंत उत्पादन जवळपास दुप्पट करून 25 लाख मेट्रिक टन पर्यंत उत्पादन नेण्याचा कंपनीचा महत्वाकांक्षी दृष्टीकोन आहे.मॉइल गुजरात राज्यात, मध्य प्रदेश, राजस्थान आणि ओडिशा राज्यातील इतर भागात व्यवसाय संधी शोधत आहे.



 मॉयल कर्मचारियों के वेतन संशोधन की घोषणा

31 अक्टूबर, 2021 को नागपुर में आयोजित एकभव्य समारोहमें श्री नितिन गडकरी, माननीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और श्री राम चंद्र प्रसाद सिंह, माननीय इस्पात मंत्री, भारत सरकार द्वारामॉयल श्रमिकों के लिये बड़ी उद्घघोषणा की गई ।




यह वेतन संशोधन 10 साल की अवधि 01.08.2017 से 31.07.2027 तक है, जिससे लगभग 5,800 कंपनी कर्मचारी लाभान्वित होंगे। यह प्रबंधन और मॉयलके मान्यता प्राप्त संघ यानी मॉयलकामगार संगठन (MKS) के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन पर आधारित है। प्रस्ताव में 20% का फिटमेंट लाभ और 20% की दर से अनुलाभ/भत्ते शामिल हैं।कंपनी द्वारा मई, 2019 से बेसिक और डीए के 12% की दर से अंतरिम राहत दी गई।

हालांकि, कंपनी के लाभ और हानि खाते पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इस वेतन वृद्धि के लिए लेखा पुस्तकों में पूरा प्रावधान पहले ही किया गया है। प्रस्तावित वेतन संशोधन का कुल वित्तीय प्रभाव लगभग रु.87 करोड़ प्रति वर्ष होगा।कंपनी 1 अगस्त, 2017 से 30 सितंबर, 2021 तक की अवधि का बकायाराशि का भुगतान एक बार में हीकर देगी, जिससेलगभग218 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, कंपनी के लाभ और हानि खाते पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इस वेतन वृद्धि के लिए लेखा पुस्तकों में पूरा प्रावधान पहले ही किया गया है। प्रस्तावित वेतन संशोधन का कुल वित्तीय प्रभाव लगभग रु.87 करोड़ प्रति वर्ष होगा।

इसके अलावा, सभी कर्मचारियों के लिए वर्ष 2020-21 के लिए उत्पादन से जुड़ा बोनस रुपये 28,000/- बोनस की भी घोषणा की, जिसका भुगतान दीपावली के पहले किया जाएगा।

इस अवसर पर माननीय मंत्रियों ने मॉयल की विभिन्न सुविधाओं का जिसमें चिकलाखान में द्वितीय वर्टीकल शाफ्ट एवं चिकला,गुमगाँव,डोंगरीबुजुर्ग,तिरोड़ी एवं का न्द्रीखान में नएअस्पताल एवं तिरोड़ी खान में नए प्रशासनिक भवन का उदघाटन किया गया तथा बालाघाट में ग्रेजुएट ट्रेनी हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध करना शामिल है।
Announced pay reform for Moil employees
इस अवसर पर श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय इस्पात और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, श्री सुनील केदार, राज्य के केंद्रीय पशुपालन, डेयरी विकास, खेल और युवा कल्याण मंत्री, डॉ विकास महात्मे, राज्यसभा सांसद सुश्री सुकृति लिखी अतरिक्त सचिव एवं वित्त सलहकार, इस्पात मंत्रालय और सुश्री रुचिका गोविल,अतरिक्त सचिव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कर्मचारी और विभिन्न यूनियन के सदस्य गणमान्य अतिथियों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे । वे इन घोषणाओं से अत्यधिक प्रसन्न हुए और उन्होंने इस्पात मंत्रालय को तहे दिल से धन्यवाद दिया। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय इस्पात मंत्री, श्री आर.सी.पी. सिंह ने मॉयल को लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी और भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धिहासिल करने हेतु तैयार रहने का भी आवाहन किया।

माननीय इस्पात मंत्री 1 नवंबर, 2021 को बालाघाट खदान का भी दौरा करेंगे, जो मॉयल द्वारा संचालित सबसे बड़ी मैंगनीज खदान है और एशिया की सबसे गहरी भूमिगत मैंगनीज खदान है।



अब कुछ बातें मॉयल के बारे में:

मॉयल लिमिटेड भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक अनुसूची-ए, मेँ शामिलश्रेणी- I की एक मिनीरत्न सीपीएसई है। मॉयल देश में मैंगनीज अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है और महाराष्ट्र तथा मध्य प्रदेश राज्य में ग्यारह खदानों का संचालन करता है। मॉयल के पास देश के 34% मैंगनीज अयस्क का भंडार है और यह घरेलू उत्पाद में 45% योगदान दे रहा है। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 तक अपने उत्पादन को लगभग दोगुना करके 25 लाख मीट्रिक टन करने की महत्वाकांक्षी योजना है। मॉयल कारोबार के अवसर खोजने के लिये गुजरात के साथ साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा राज्य में भी कदम रखने के लिये प्रयत्नशील है।


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मॉयल कर्मचारियों के वेतन संशोधन की घोषणा
31 अक्टूबर, 2021 को नागपुर में आयोजित एकभव्य समारोहमें श्री नितिन गडकरी, माननीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और श्री राम चंद्र प्रसाद सिंह, माननीय इस्पात मंत्री, भारत सरकार द्वारामॉयल श्रमिकों के लिये बड़ी उद्घघोषणा की गई ।



यह वेतन संशोधन 10 साल की अवधि 01.08.2017 से 31.07.2027 तक है, जिससे लगभग 5,800 कंपनी कर्मचारी लाभान्वित होंगे। यह प्रबंधन और मॉयलके मान्यता प्राप्त संघ यानी मॉयलकामगार संगठन (MKS) के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन पर आधारित है। प्रस्ताव में 20% का फिटमेंट लाभ और 20% की दर से अनुलाभ/भत्ते शामिल हैं।कंपनी द्वारा मई, 2019 से बेसिक और डीए के 12% की दर से अंतरिम राहत दी गई।




हालांकि, कंपनी के लाभ और हानि खाते पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इस वेतन वृद्धि के लिए लेखा पुस्तकों में पूरा प्रावधान पहले ही किया गया है। प्रस्तावित वेतन संशोधन का कुल वित्तीय प्रभाव लगभग रु.87 करोड़ प्रति वर्ष होगा।कंपनी 1 अगस्त, 2017 से 30 सितंबर, 2021 तक की अवधि का बकायाराशि का भुगतान एक बार में हीकर देगी, जिससेलगभग218 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, कंपनी के लाभ और हानि खाते पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि इस वेतन वृद्धि के लिए लेखा पुस्तकों में पूरा प्रावधान पहले ही किया गया है। प्रस्तावित वेतन संशोधन का कुल वित्तीय प्रभाव लगभग रु.87 करोड़ प्रति वर्ष होगा।

इसके अलावा, सभी कर्मचारियों के लिए वर्ष 2020-21 के लिए उत्पादन से जुड़ा बोनस रुपये 28,000/- बोनस की भी घोषणा की, जिसका भुगतान दीपावली के पहले किया जाएगा।

इस अवसर पर माननीय मंत्रियों ने मॉयल की विभिन्न सुविधाओं का जिसमें चिकलाखान में द्वितीय वर्टीकल शाफ्ट एवं चिकला,गुमगाँव,डोंगरीबुजुर्ग,तिरोड़ी एवं का न्द्रीखान में नएअस्पताल एवं तिरोड़ी खान में नए प्रशासनिक भवन का उदघाटन किया गया तथा बालाघाट में ग्रेजुएट ट्रेनी हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध करना शामिल है।

इस अवसर पर श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, केंद्रीय इस्पात और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, श्री सुनील केदार, राज्य के केंद्रीय पशुपालन, डेयरी विकास, खेल और युवा कल्याण मंत्री, डॉ विकास महात्मे, राज्यसभा सांसद सुश्री सुकृति लिखी अतरिक्त सचिव एवं वित्त सलहकार, इस्पात मंत्रालय और सुश्री रुचिका गोविल,अतरिक्त सचिव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कर्मचारी और विभिन्न यूनियन के सदस्य गणमान्य अतिथियों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे । वे इन घोषणाओं से अत्यधिक प्रसन्न हुए और उन्होंने इस्पात मंत्रालय को तहे दिल से धन्यवाद दिया। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय इस्पात मंत्री, श्री आर.सी.पी. सिंह ने मॉयल को लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए बधाई दी और भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धिहासिल करने हेतु तैयार रहने का भी आवाहन किया।

माननीय इस्पात मंत्री 1 नवंबर, 2021 को बालाघाट खदान का भी दौरा करेंगे, जो मॉयल द्वारा संचालित सबसे बड़ी मैंगनीज खदान है और एशिया की सबसे गहरी भूमिगत मैंगनीज खदान है।



अब कुछ बातें मॉयल के बारे में:

मॉयल लिमिटेड भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक अनुसूची-ए, मेँ शामिलश्रेणी- I की एक मिनीरत्न सीपीएसई है। मॉयल देश में मैंगनीज अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है और महाराष्ट्र तथा मध्य प्रदेश राज्य में ग्यारह खदानों का संचालन करता है। मॉयल के पास देश के 34% मैंगनीज अयस्क का भंडार है और यह घरेलू उत्पाद में 45% योगदान दे रहा है। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 तक अपने उत्पादन को लगभग दोगुना करके 25 लाख मीट्रिक टन करने की महत्वाकांक्षी योजना है। मॉयल कारोबार के अवसर खोजने के लिये गुजरात के साथ साथ मध्य प्रदेश, राजस्थान और ओडिशा राज्य में भी कदम रखने के लिये प्रयत्नशील है।